
ईंधन संकट पर महाराष्ट्र कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला
ईंधन संकट पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडरों की बढ़ती कमी को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन संकट एक वास्तविक समस्या है, लेकिन सरकार इसे स्वीकार करने के बजाय कांग्रेस पार्टी पर अफवाह फैलाने का आरोप लगा रही है। सपकाल ने इस आरोप को पूरी तरह से गलत ठहराया।
ईंधन संकट पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि डर का माहौल तो देश में खुद प्रधानमंत्री ने बनाया है। सपकाल ने संसद में लॉकडाउन जैसी संभावित स्थितियों और कोरोना जैसी परिस्थितियों का जिक्र कर जनता में आशंका फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि इस पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
सपकाल ने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार में ईंधन संकट के बावजूद कांग्रेस किसी भी तरह का भ्रम फैलाने का प्रयास नहीं कर रही है, बल्कि देश की सच्चाई सामने रख रही है।
ईंधन संकट पर महाराष्ट्र कांग्रेस
सिर्फ ईंधन संकट ही नहीं, हर्षवर्धन सपकाल ने नक्सलवाद मुक्त भारत के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपने पूंजीपति मित्रों के हित साधने के लिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, नक्सलवाद को खत्म करने के नाम पर स्थानीय लोगों की जमीन लेकर खनन और औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो असल में आम जनता के खिलाफ है।
बारामती और राहुरी उपचुनाव की स्थिति
सपकाल ने आगामी बारामती और राहुरी उपचुनाव पर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि ये दोनों सीटें पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अधीन थीं। अगर शरद पवार की पार्टी इन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ती है, तो कांग्रेस उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। वहीं, विधान परिषद की एक सीट पर विपक्षी गठबंधन के तीनों दल आपसी चर्चा के बाद अंतिम फैसला लेंगे, हालांकि सपकाल ने कहा कि कांग्रेस उस सीट पर लड़ने की इच्छा रखती है।
रोहित और अजित विवाद पर प्रतिक्रिया
सपकाल ने एनसीपी नेता अजित पवार के आरोप का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि रोहित पवार ने पांच करोड़ रुपये की सुपारी देकर NCP में फूट डालने का प्रयास किया। सपकाल ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सच को दबाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं और क्या अजित पवार के प्लेन एक्सीडेंट को भी किसी साजिश का हिस्सा माना जाना चाहिए।
जैन मुनि के बयान पर सपकाल का रुख
सपकाल ने छत्रपति शिवाजी महाराज के संदर्भ में जैन मुनि पद्मसागर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिवाजी महाराज जाति और धर्म से ऊपर उठकर सभी को साथ लेकर चलने वाले शासक थे। इसलिए उनके नाम पर किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
इस प्रकार, हर्षवर्धन सपकाल ने ईंधन संकट, नक्सलवाद, उपचुनाव और पार्टी विवाद जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों को चुनौती दी है और अपनी पार्टी का स्पष्ट रुख रखा है।
Read This Also:- पुडुचेरी चुनाव: कांग्रेस और DMK के बीच सौहार्दपूर्ण मुकाबला
Read This Also:- पुडुचेरी चुनाव: कांग्रेस और DMK के बीच सौहार्दपूर्ण मुकाबला
For all the political updates download our Molitics App :
Click here to Download










