West Bengal Bulldozer Actions: TMC पार्टी ने विरोध शुरू किया

West Bengal Bulldozer Actions: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार के ताबड़तोड़ कदमों के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यभर में विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। पार्टी ने गुरुवार (21 मई) को कोलकाता और आसपास के इलाकों में प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। विशेष रूप से हावड़ा स्टेशन, सियालदह स्टेशन और बालीगंज के पास पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में यह प्रदर्शन होगा। TMC का कहना है कि प्रदर्शन का उद्देश्य hawkers and minority communities पर कथित हमलों के खिलाफ आवाज उठाना है।  


West Bengal Bulldozer Actions: बुलडोज़र एक्शन को लेकर नाराज़गी 

Hawkers Target Controversy: TMC प्रमुख Mamata Banerjee ने हाल ही में कालीघाट में विधायकों के साथ बैठक के दौरान आरोप लगाया कि BJP सरकार Minority Communities और छोटे व्यापारियों को टारगेट कर रही है। ममता ने कहा, "यह सरकार हमारे संवैधानिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ कर रही है। हॉकरों के ठेलों पर बुलडोज़र तक चलाए जा रहे हैं। आने वाले समय में BJP को दिल्ली की सत्ता से हटाना हमारी प्राथमिकता होगी।

उनके भतीजे और TMC महासचिव Abhishek Banerjee ने भी पार्टी की चुनावी हार के बावजूद BJP के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई जारी रखने का भरोसा दिलाया। अभिषेक ने कहा कि चाहे उनके घर को निशाना बनाया जाए या नोटिस भेजे जाएं, वे पीछे नहीं हटेंगे और पार्टी की लड़ाई West Bengal Bulldozer Action के खिलाफ जारी रहेगी।

 

अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR 

इससे पहले, 15 मई को Abhishek Banerjee के खिलाफ बिधाननगर North Cyber ​​Crime पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता राजीव सरकार ने आरोप लगाया कि अभिषेक ने महेशतला, आरामबाग, हरीनाघटा और नंदीग्राम में चुनावी रैलियों के दौरान भड़काऊ और धमकी भरे भाषण दिए, जो सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ सकते थे। FIR में उनके फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का भी उल्लेख किया गया। मामला (Indian Penal Code) भारतीय दंड संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धाराओं के तहत दर्ज किया गया।

चुनाव बाद हिंसा को लेकर हाई कोर्ट की शरण

TMC ने चुनाव परिणामों के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में कथित हिंसा की घटनाओं को लेकर Calcutta High Court का रुख किया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि Kolkata और हावड़ा सहित कई जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं और कार्यालयों पर आगजनी, तोड़फोड़ और हमले किए गए। पार्टी ने प्रभावित कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

14 मई को Mamata Banerjee खुद हाई कोर्ट पहुंची थीं और वकील की पोशाक पहनकर याचिका दायर की थी। राज्य में चुनाव परिणामों के बाद हुई हिंसा के आरोपों पर BJP और TMC दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। TMC का कहना है कि कई कार्यकर्ताओं की हत्या भी हुई और इस मामले की न्यायिक निगरानी में जांच हो।

CPI-ML ने भी लिया हाई कोर्ट का सहारा 

दूसरी ओर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन की पश्चिम बंगाल इकाई ने राज्य सरकार के West Bengal Animal Slaughter Control Act, 1950 के लागू होने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। पार्टी का दावा है कि कानून का इस्तेमाल Religious Rituals में Animal Sacrifice पर रोक लगाने के लिए किया जा रहा है।

अधिसूचना के अनुसार किसी भी पशु को वध के लिए तभी अनुमति मिलेगी जब वह स्थायी रूप से अक्षम हो या उसकी आयु 14 साल से अधिक हो। CPI-ML का कहना है कि इससे Muslim Community की Religious Freedom पर असर पड़ेगा और किसानों तथा पशु व्यापारियों की आजीविका प्रभावित होगी।

राजनीतिक तनाव बढ़ा, विपक्ष सड़कों और अदालत में सक्रिय 

Bengal BJP Governmentपश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में BJP ने 207 सीटें जीतकर राज्य में TMC के 15 साल के शासन को समाप्त किया। वहीं, TMC को 80 सीटें मिली थीं। चुनाव परिणामों के बाद राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। अब TMC सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है और CPI-ML हाई कोर्ट के जरिए कानून की न्यायिक समीक्षा मांग रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि West Bengal Bulldozer Action छोटे व्यापारियों और Minority Communities को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

राजनीतिक और कानूनी मोर्चे पर दोनों ही दल BJP सरकार के कदमों के खिलाफ सक्रिय हैं, जिससे पश्चिम बंगाल में सत्ता हस्तांतरण के बाद की स्थिति और भी तनावपूर्ण नजर आ रही है।

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