
Tamil Nadu Political Crisis: विजय सरकार और AIADMK की चुनौती
Tamil Nadu Political Crisis: तमिलनाडु की राजनीति में आज एक अहम दिन है। राज्य के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की नई TVK सरकार विधानसभा में विश्वास मत का सामना कर रही है। तीन दिन पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले विजय के लिए यह फ्लोर टेस्ट उनकी सत्ता की स्थिरता तय करने वाला होगा। अगर उनके पास बहुमत नहीं बना तो उनकी सरकार तीन दिनों से आगे टिक पाना मुश्किल हो जाएगा, यह तमिलनाडु राजनीतिक संकट का हिस्सा है।
Tamil Nadu Political Crisis, AIADMK के लिए चुनौती
Tamil Nadu Political Crisis: सिर्फ मुख्यमंत्री विजय की सरकार ही परीक्षण में नहीं है, बल्कि AIADMK के लिए भी आज बड़ा दिन है। जयललिता की पार्टी, जो कभी राज्य की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत थी, आज टूट के कगार पर दिखाई दे रही है। पार्टी में बगावत के चलते दो गुटों में विभाजन हो गया है। EPS गुट ने विधायकों को व्हिप जारी कर TVK के खिलाफ मतदान करने का आदेश दिया है, जबकि बागी गुट ने खुले तौर पर TVK सरकार का समर्थन करने का ऐलान किया है, जो तमिलनाडु राजनीतिक संकट को और गहरा करता है।
बागी गुट का समर्थन
Tamil Nadu Political Crisis: अध्यक्षता के लिए बागी खेमे का नेतृत्व एसपी वेलुमणि और सी वी शनमुगम कर रहे हैं। उन्होंने विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार के समर्थन में कदम बढ़ाया है। मंगलवार को चेन्नई में शनमुगम के आवास पर हुई मुलाकात को बागी नेताओं ने ऐतिहासिक बताया और औपचारिक रूप से TVK सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया। इस समर्थन से AIADMK के भीतर असंतुष्ट खेमे ने नई राजनीतिक दिशा की ओर संकेत दिया, जो तमिलनाडु राजनीतिक संकट का एक अहम पहलू है।
TVK का चुनावी प्रदर्शन
CM Vijay Confidence: अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव में Vijay की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी, इसलिए कांग्रेस, VCK, CPI, CPM और IUML जैसे सहयोगी दलों का समर्थन अनिवार्य था। इन सहयोगियों के समर्थन से विजय सरकार बहुमत के करीब पहुंची और आज के विश्वास मत के दौरान उनका यह समर्थन निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
EPS गुट का रुख
AIADMK के महासचिव EPS ने विधायकों को पार्टी लाइन का पालन करने का आदेश दिया है। EPS समर्थक नेता ओएस मनियन ने बगावत की खबरों को झूठा बताया और कहा कि सभी 47 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र देकर EPS को विधायक दल का नेता माना। EPS गुट ने साफ किया कि यदि कोई विधायक पार्टी लाइन से अलग जाएगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दल-बदल कानून और सुरक्षा
AIADMK के बागी विधायकों के सामने सबसे बड़ा सवाल संख्या का है। दल-बदल विरोधी कानून के तहत यदि कोई विधायक पार्टी व्हिप के खिलाफ वोट करता है तो उसकी सदस्यता रद्द हो सकती है। हालांकि, यदि किसी दल के दो-तिहाई विधायक एक साथ अलग होकर किसी अन्य समूह का समर्थन करते हैं, तो इसे विलय माना जाता है और विधायकों को अयोग्यता से सुरक्षा मिलती है। बागी खेमे का दावा है कि उनके साथ लगभग 30 विधायक हैं, जबकि दो-तिहाई संख्या 32 है।
विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में विधानसभा अध्यक्ष JCD Prabhakar की भूमिका अहम मानी जा रही है। विश्वास मत के बाद यदि दल-बदल को लेकर याचिकाएं दायर होती हैं, तो निर्णय स्पीकर को ही लेना होगा। AIADMK के आधिकारिक गुट ने स्पीकर की कार्यवाही पर नजर बनाए रखी है और बागी खेमे को पर्याप्त महत्व देने पर नाराजगी जताई है।
विजय सरकार को मिले समर्थन का महत्व
अगर AIADMK का बागी गुट खुलकर विजय सरकार के साथ आ जाता है, तो मुख्यमंत्री की स्थिति मजबूत हो जाएगी। वर्तमान में उनकी सरकार सहयोगी दलों पर निर्भर है, लेकिन AIADMK के बागी विधायकों का समर्थन मिलने से उन्हें स्थिरता मिलेगी। इससे भविष्य में गठबंधन सहयोगियों के दबाव से भी राहत मिलेगी।
AIADMK का लगातार कमजोर होता आधार
AIADMK लंबे समय से आंतरिक संकटों से जूझ रही है। जयललिता के 2016 में निधन के बाद नेतृत्व संघर्ष शुरू हुआ। EPS और OPS के गठबंधन के बाद भी पार्टी लगातार कमजोर होती चली गई। 2026 के चुनाव में AIADMK ने केवल 47 सीटें जीतीं, जो उनके इतिहास के सबसे खराब प्रदर्शन में से एक माना जा रहा है।
तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत
Tamil Nadu Politics: विजय की एंट्री ने लंबे समय तक DMK और AIADMK के बीच चल रहे राजनीतिक समीकरण को बदल दिया है। उनकी लोकप्रियता ने उन्हें सत्ता की चाबी दी है। विश्वास मत अब केवल सरकार बचाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह तमिलनाडु की राजनीति में नए युग की शुरुआत का संकेत है।
Read This Also:- PM Narendra Modi की अपील: सरकारी वाहनों और ईंधन में कटौती
Read This Also:- PM Narendra Modi की अपील: सरकारी वाहनों और ईंधन में कटौती
For all the political updates download our Molitics App :
Click here to Download










