Kerala CM Decision: दिल्ली में हाईकमान की अहम बैठक आज

Kerala CM Decision: केरल विधानसभा चुनाव में शानदार और प्रचंड जीत हासिल करने के बावजूद कांग्रेस पार्टी अभी तक मुख्यमंत्री पद के नाम पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। चुनाव परिणाम घोषित हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन राज्य की राजनीति में अभी भी नए मुख्यमंत्री को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। केरल के मुख्यमंत्री का फैसला अभी तक नहीं हो पाया है।


पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी यह खींचतान अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है, जहां आज हाईकमान की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के पूर्व अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया है।

दिल्ली में हाईकमान की बैठक, बड़े फैसले की उम्मीद 

Congress High Commandकांग्रेस नेतृत्व ने इस पूरे मामले पर मंथन के लिए मंगलवार को दिल्ली में बैठक बुलाई है। इसमें केपीसीसी के पूर्व अध्यक्षों और कई अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह बैठक मुख्यमंत्री पद को लेकर सहमति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद अगले 48 घंटों के भीतर केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो सकती है।

तीन दावेदारों के बीच मुकाबला 

Kerala CM Raceमुख्यमंत्री पद की दौड़ में इस समय तीन बड़े नाम प्रमुख रूप से सामने हैं। इनमें वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल शामिल हैं। तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने स्तर पर हाईकमान पर दबाव बनाने और अपने नेता को सीएम बनाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

4 मई को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से ही इन तीनों खेमों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और लगातार लॉबिंग की जा रही है।

पहले भी नहीं निकल सका था कोई नतीजा 

Kerala CM Decision: इससे पहले शनिवार (9 मई) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर भी एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला, वीडी सतीशन सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। इसके बावजूद कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी और केरल के मुख्यमंत्री का फैसला लंबित रह गया।

हालांकि, उस बैठक में भी मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका था, जिससे स्थिति और अधिक स्पष्ट नहीं हो पाई।

UDF की बड़ी जीत, फिर भी अंदरूनी असमंजस

Kerala CM Decisionकेरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है। इस भारी जीत के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी के भीतर असहमति और असमंजस का माहौल बना हुआ है। ऐसे में पार्टी के अंदर अभी भी केरल के मुख्यमंत्री का फैसला नहीं हो सका है।

यह स्थिति पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी बेचैनी का कारण बन रही है, क्योंकि सरकार गठन में देरी हो रही है।

वरिष्ठ नेताओं की राय और दबाव

पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष के. मुरलीधरन और वीएम सुधीरन ने भी इस मामले पर अपनी राय दिल्ली में होने वाली बैठक के लिए तैयार कर ली है। वीएम सुधीरन ने कहा कि उन्हें AICC की ओर से बुलाया गया है और वे राज्य की राजनीतिक स्थिति पर अपनी स्पष्ट राय रखेंगे।

मुरलीधरन ने भी कहा कि अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान का होगा और सभी नेताओं को इसे स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मुख्यमंत्री पद की घोषणा में देरी से कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

चेन्निथला का बयान, अनुशासन का संदेश

रमेश चेन्निथला ने स्पष्ट किया है कि वे पार्टी हाईकमान के किसी भी निर्णय का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि वे एक अनुशासित कार्यकर्ता हैं और पार्टी जो भी फैसला करेगी, सभी नेताओं को उसे स्वीकार करना चाहिए।

IUML ने जताई नाराजगी

इस बीच, UDF की अहम सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने मुख्यमंत्री पद को लेकर हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की है। IUML के पास गठबंधन में 22 सीटें हैं और वह सरकार गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

IUML के मलप्पुरम जिला महासचिव पी. अब्दुल हमीद ने कहा कि देरी से कार्यकर्ताओं और जनता में असंतोष बढ़ रहा है और यदि जल्द फैसला नहीं लिया गया तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।

कुल मिलाकर, केरल में कांग्रेस की भारी जीत के बावजूद मुख्यमंत्री पद का फैसला अभी भी अधर में लटका हुआ है। दिल्ली में होने वाली हाईकमान बैठक पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं, जहां से अगले 48 घंटों में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

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