तेलंगाना जाति सर्वे 2026: प्रमुख समुदायों की संख्या और प्रतिशत

तेलंगाना की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में तेलंगाना जाति सर्वे 2026 जारी किया है। इस सर्वे में 35 प्रमुख जातियों और समुदायों की विस्तृत जानकारी सामने आई है। कुल मिलाकर इस सर्वे में लगभग 3.55 करोड़ लोगों की आबादी शामिल की गई है।


तेलंगाना जाति सर्वे 2026

तेलंगाना जाति सर्वे 2026 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य की सबसे बड़ी आबादी मदिगा समुदाय की है। इनकी संख्या 36.58 लाख है, जो तेलंगाना की कुल आबादी का लगभग 10.3 प्रतिशत बनती है। यह समुदाय राज्य में सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से विशेष पहचान रखता है।

शेख और मुदिराज समुदाय

जनसांख्यिकीय वितरण रिपोर्ट और जाति डेटा तेलंगाना के अनुसार, दूसरे स्थान पर शेख मुस्लिम समुदाय है, जिसकी संख्या 27.96 लाख और कुल आबादी में प्रतिशत लगभग 7.9 है। मुदिराज समुदाय तीसरे स्थान पर है, इनके सदस्य 26.39 लाख हैं, यानी कुल आबादी का 7.4 प्रतिशत।

अन्य प्रमुख बीसीई समुदाय 

अन्य महत्वपूर्ण बीसीई (पिछड़े वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) समुदायों में लंबदी या बंजारा (24.04 लाख, 6.8%), यादव (20.19 लाख, 5.7%), रैड्डी (17.10 लाख, 4.8%) और गौड़ (16.30 लाख, 4.6%) शामिल हैं। माला समुदाय की संख्या 14.72 लाख (4.1%) है, जबकि मुन्नुरुकापु 13.75 लाख (3.9%) और पद्मसाली 11.82 लाख (3.3%) सदस्य हैं।

रजका समुदाय की संख्या 9.96 लाख (2.8%), कुरुबा या कुरुमा 7.96 लाख (2.2%) और ओड्डे या वड्डेरा 6.44 लाख (1.8%) दर्ज की गई है।

मुस्लिम समुदायों की संख्या 

बीसीई श्रेणी के अलावा मुस्लिम समुदायों की संख्या 6.33 लाख है, जो कुल आबादी का 1.8 प्रतिशत है। अगड़ी समुदायों में कोमाटी (वैश्य) सबसे बड़ा समुदाय है, जिसकी संख्या 5.09 लाख है। इसके बाद कम्मा 3.68 लाख, ब्राह्मण 3.36 लाख, कापू/नायडू 2.42 लाख और वेलामा 1.44 लाख सदस्य हैं। प्रतिशत के हिसाब से ये समुदाय कुल आबादी में 0.4 से 1.4 प्रतिशत के बीच आते हैं।

कम आबादी वाले समुदाय 

आदिवासी समूहों में कोया समुदाय सबसे बड़ा है (4.28 लाख), इसके बाद गोंड (3.82 लाख) और येरुकुला (1.85 लाख) आते हैं। कम आबादी वाले समुदायों में दुदेकुला (2.70 लाख), पेरिका (2.31 लाख), बेड़ा (1.90 लाख), वीरशैव लिंगायत (1.73 लाख), लोहार (1.66 लाख), धोबी मुस्लिम (1.26 लाख) और उप्पारा या सागरा (1.24 लाख) शामिल हैं।

इस सर्वे से स्पष्ट होता है कि तेलंगाना की आबादी में विभिन्न जातियों और समुदायों का संतुलित मिश्रण मौजूद है। राज्य सरकार इस आंकड़े का उपयोग सामाजिक योजनाओं और आरक्षण नीतियों में सुधार के लिए कर सकती है।

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