
Punjab Budget: खेलों को प्रोत्साहन, नशे के खिलाफ बड़ा कदम, पहली बार होगी 'ड्रग जनगणना'
पंजाब सरकार ने बुधवार को अपना वार्षिक बजट पेश किया, जिसमें राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और नशामुक्त पंजाब की दिशा में ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि मान सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर पंजाब को मजबूत बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष पंजाब का बजट 2,36,080 करोड़ रुपये का है, और राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 9% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे यह 8.09 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अगले वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GSDP में 10% वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जो राज्य के विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य के टैक्स रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे पंजाब की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने पंजाब को नशे के जाल में धकेला और नशे के व्यापार को फलने-फूलने दिया। लेकिन मौजूदा सरकार ने इस खतरे के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ा है। ‘युद्ध नशे दे विरुद्ध’ अभियान के तहत 1 मार्च 2025 से व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। इस अभियान के तहत अब तक 2,136 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 3,816 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पंजाब सरकार ने पहली बार राज्य में ड्रग जनगणना करने की योजना बनाई है, जिससे नशे के प्रसार की सटीक जानकारी जुटाई जा सकेगी। इसके लिए 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी पर रोक लगाने के लिए 110 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस राशि से 5,000 होम गार्ड और बीएसएफ जवानों की तैनाती की जाएगी तथा अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जाएंगे। राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 'Dial 112' सेवा को भी और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत 758 चार-पहिया और 916 दो-पहिया वाहन खरीदे जाएंगे, जिससे पुलिस का रिस्पांस टाइम आठ मिनट तक घट जाएगा। मोहाली में नए 'Dial 112' हेडक्वार्टर के लिए 53 करोड़ रुपये और इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
खेलों के विकास को लेकर भी मान सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और अकाली सरकारों ने खेलों को कभी प्राथमिकता नहीं दी, बल्कि सट्टेबाजी और गैंगस्टरवाद को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि खेलों में पंजाब का गौरव वापस लाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। एक समय था जब पंजाब खेलों में नंबर एक स्थान पर था, लेकिन पिछली सरकारों की लापरवाही से यह 10वें स्थान पर पहुंच गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसके लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि 2024-25 में खेलों के विकास के लिए 979 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इसके तहत राज्य के हर गांव में खेल मैदान बनाए जाएंगे और 3,000 गांवों में इनडोर जिम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, 13 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पंजाब सरकार ने ‘खेड़ा वतन पंजाब दियां’ अभियान को भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया है। इस अभियान के तीन संस्करणों में अब तक पांच लाख से अधिक खिलाड़ी भाग ले चुके हैं और इस वर्ष इसका चौथा संस्करण आयोजित किया जाएगा। सरकार 2026 एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है। पिछले तीन वर्षों में खिलाड़ियों को 100 करोड़ रुपये से अधिक के पुरस्कार और सरकारी नौकरी (DSP/PCS) प्रदान की गई है।
Read This Also:- "पंजाब को नशामुक्त बनाना है" – लुधियाना में केजरीवाल ने बच्चों को दिलाई शपथ
Read This Also:- "पंजाब को नशामुक्त बनाना है" – लुधियाना में केजरीवाल ने बच्चों को दिलाई शपथ
For all the political updates download our Molitics App :
Click here to Download











