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असम में राभा हसोंग चुनाव में NDA की प्रचंड जीत, कांग्रेस सिर्फ एक सीट पर सिमटी
05 Apr 2025

असम की राजनीति में एक बार फिर NDA की पकड़ मज़बूत होती दिख रही है। राभा हसोंग स्वायत्त परिषद (RHAC) चुनाव में NDA ने 36 में से 33 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है, जिससे राज्य में फिर से 'भगवा लहर' देखने को मिली है। इस नतीजे ने आगामी लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी और उसके सहयोगियों को नई ऊर्जा दी है, वहीं कांग्रेस के लिए यह एक और राजनीतिक झटका साबित हुआ है।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार, बीजेपी ने 6 सीटें जीती हैं, जबकि उसकी सहयोगी राभा हसोंग जौथो संग्राम समिति (RHJSS) ने 27 सीटों पर कब्जा किया। इसके अलावा दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं।
वहीं, कांग्रेस महज़ एक सीट पर सिमट गई है। उसकी स्ट्राइक रेट महज़ 2.7% रही, जो पार्टी की गिरती लोकप्रियता को साफ तौर पर दर्शाती है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने जताई खुशी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
"असम में एक और भगवा लहर! राभा हसोंग परिषद के लोगों को दिल से धन्यवाद, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कल्याणकारी नीतियों और स्वदेशी समुदायों के विकास के प्रयासों को समर्थन दिया।"
उन्होंने यह भी कहा कि ये जीत राज्य सरकार की जनहित योजनाओं और विकास कार्यों पर जनता के भरोसे का प्रमाण है।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी में मौन और मायूसी छाई हुई है। पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अब तक हार पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कार्यकर्ताओं के बीच निराशा साफ झलक रही है, और इस हार ने कांग्रेस की राज्य में सियासी पकड़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राभा हसोंग स्वायत्त परिषद (RHAC), असम सरकार द्वारा 1995 में गठित एक निकाय है, जिसका उद्देश्य राभा जनजाति और अन्य स्वदेशी समुदायों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना है। यह परिषद न केवल इन समुदायों की पहचान को सुरक्षित रखने का काम करती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी कई योजनाएं चलाती है।