तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख चेहरों में से एक के. अन्नामलाई ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि वे पार्टी के राज्य अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,
"भाजपा में हम किसी पद के लिए प्रतिस्पर्धा नहीं करते। पार्टी सामूहिक रूप से निर्णय लेती है और अध्यक्ष का चयन भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा होता है। मैं इस पद की रेस में नहीं हूं।"
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) और भाजपा के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है। गौरतलब है कि 2023 में यह गठबंधन टूट गया था और राजनीतिक गलियारों में अन्नामलाई को इस टूट के प्रमुख कारणों में से एक माना गया था। इस पृष्ठभूमि में अटकलें तेज थीं कि अन्नामलाई को अध्यक्ष पद से हटाया जा सकता है।
हालांकि, अन्नामलाई ने इन चर्चाओं को दरकिनार करते हुए कहा,
"मैं चाहता हूं कि पार्टी का भविष्य उज्ज्वल हो। इस संगठन के विकास के लिए कई समर्पित कार्यकर्ताओं ने अपना जीवन लगाया है। मैं हमेशा पार्टी के हित में ही सोचता हूं और काम करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अन्य दलों की तरह नहीं है, जहां पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए दर्जनों नामांकन दाखिल होते हैं।
"हमारी पार्टी की कार्यसंस्कृति अलग है, यहां पद की दौड़ जैसी कोई चीज़ नहीं होती," उन्होंने कहा।
AIADMK के प्रमुख नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी द्वारा दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के एक सप्ताह बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, AIADMK और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर फिर से बातचीत शुरू हो गई है, जिसका उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए में संभावित पुनर्गठन है।
कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, AIADMK ने गठबंधन में फिर से शामिल होने की इच्छा तो जताई है, लेकिन इसके लिए एक अहम शर्त रखी है—भाजपा को अपने राज्य अध्यक्ष के. अन्नामलाई को हटाना होगा।
सहयोगी दलों के बीच यह दरार 2023 से शुरू हुई, जब भाजपा नेता अन्नामलाई ने द्रविड़ आंदोलन के संस्थापक और तमिल राजनीति के बड़े नाम सी.एन. अन्नादुरई तथा पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को लेकर विवादास्पद बयान दिए थे। इस बयान के बाद दोनों दलों के संबंधों में गहरी खटास आ गई।
AIADMK ने अन्नामलाई के नेतृत्व पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई है। पार्टी का आरोप है कि अन्नामलाई का रवैया टकरावपूर्ण रहा है और उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया। तभी से भाजपा और AIADMK एक-दूसरे पर तीखे हमले करते नजर आए हैं।