लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद गुजरात के अहमदाबाद में कुछ मुस्लिम संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अहमदाबाद की सिदी सैयद जाली मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद शुरू हुआ, जब सैकड़ों लोग हाथों में तख्तियां लेकर सड़क पर उतर आए और नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने तख्तियों पर यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) और वक्फ बिल के खिलाफ नारे लिखे थे। उनके विरोध का मुख्य कारण था कि सरकार ने गुजरात में यूसीसी लागू करने के लिए समिति का गठन किया है, जो पहले उत्तराखंड में भी किया जा चुका था।
इस बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिनमें एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल थे।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई मिनटों तक धक्का-मुक्की चलती रही। कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए, जबकि पुलिसकर्मियों ने उन्हें उठाकर सड़क से हटा दिया। प्रदर्शनकारियों को बसों में डालकर पुलिस थाने भेजा गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और वक्फ विधेयक के साथ-साथ यूसीसी को भी वापस लेने की मांग की।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "हम महसूस करते हैं कि मुसलमानों के साथ बड़ा अन्याय हो रहा है और यह एक साजिश का हिस्सा है। हम इस बात को पूरे देश और दुनिया में फैलाएंगे।" उन्होंने वक्फ बिल और यूसीसी के खिलाफ विरोध जारी रखने का संकल्प लिया। उनका यह भी कहना था कि इन विधेयकों के माध्यम से मुसलमानों के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है और यह उन्हें न्याय से वंचित कर रहा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरे अहमदाबाद शहर में पुलिस बल तैनात किया गया था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने इलाके के प्रमुख स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी थी और सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी गई ताकि किसी तरह के भड़काऊ बयान या अफवाह फैलने से पहले ही उन्हें रोका जा सके। इस विरोध प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क था, क्योंकि इस मुद्दे ने पहले ही कई स्थानों पर तनाव की स्थिति पैदा कर दी थी।
अहमदाबाद में हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनातनी और भी बढ़ गई, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वक्फ विधेयक और यूसीसी जैसे विवादास्पद मुद्दे देशभर में सामाजिक और राजनीतिक तनाव का कारण बन सकते हैं।