केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की हालिया टिप्पणी पर स्टार्टअप उद्योग ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पीयूष गोयल ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित स्टार्टअप महाकुंभ के दौरान कहा था कि क्या हमें सिर्फ डिलीवरी बॉय या डिलीवरी गर्ल बनकर खुश हो जाना चाहिए, जबकि चीन में स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक वाहन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने भारत में बने डिलीवरी ऐप्स का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां बहुत तेजी से सामान लोगों तक पहुंच रहा है, लेकिन जब हम चीन के स्टार्टअप्स से तुलना करते हैं तो वहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और इलेक्ट्रिक वीकल्स जैसे क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। उनका यह बयान भारतीय स्टार्टअप्स के योगदान को नकारते हुए दिखाई दिया, जिसके कारण इस पर उद्योग की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
इस टिप्पणी के बाद Zepto के सीईओ आदित पालिचा ने भारतीय स्टार्टअप्स का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि आलोचना करना आसान है, खासकर तब जब भारतीय स्टार्टअप्स की तुलना चीन और अमेरिका जैसे देशों से की जाती है।
आदित ने स्पष्ट रूप से बताया कि उनकी कंपनी Zepto ने पिछले 3.5 वर्षों में डेढ़ लाख लोगों को रोजगार दिया है और हर साल 1000 करोड़ रुपये का टैक्स सरकार को दिया है। उन्होंने लिखा, "हमने जो किया है, वह अद्वितीय है। हमने 3.5 साल में 1.5 लाख रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। हमारी कंपनी ने 1000 करोड़ रुपये का टैक्स सरकार को दिया है और इसके अलावा, अरबों डॉलर का एफडीआई भारत में आ रहा है। हम सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए लगातार निवेश कर रहे हैं। अगर यह भारतीय इनोवेशन की सफलता नहीं है, तो फिर क्या है?"
आदित ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय स्टार्टअप्स ने पिछले कुछ वर्षों में कन्ज्यूमर इंटरनेट के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है, लेकिन भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर काम करने में अभी भी कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण यह है कि भारत में अभी तक कोई बड़ी इंटरनेट कंपनियां नहीं बन पाई हैं, जो चीन या अमेरिका जैसी बड़ी कंपनियों के मुकाबले डेटा और तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने उदाहरण के तौर पर ऐमजॉन, अलीबाबा, गूगल और फेसबुक जैसी कंपनियों का हवाला दिया, जो मुख्य रूप से कन्ज्यूमर इंटरनेट कंपनियां हैं और उनके पास विशाल मात्रा में डेटा होता है, जिसे वे अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करती हैं।
आदित ने यह भी कहा कि अगर भारत को तकनीकी बदलाव लाना है, तो उसे पहले अपने घरेलू बाजार में सफलता प्राप्त करनी होगी और इसके लिए स्टार्टअप्स को निवेश और समर्थन की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार और बड़े पूंजी निवेशकों से अपील की कि वे भारतीय स्टार्टअप्स को और अधिक प्रोत्साहित करें, ताकि देश की तकनीकी क्षमता को बढ़ाया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Zepto, जो अभी एक बड़ी इंटरनेट कंपनी बनने से काफी दूर है, फिर भी भविष्य में इसके बड़े अवसर हो सकते हैं और इसके द्वारा किए गए योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इसके साथ ही, आदित ने पीयूष गोयल के बयान पर जवाब देते हुए कहा कि आलोचनाओं से कुछ नहीं होगा, बल्कि सरकार और उद्योग को मिलकर काम करने की जरूरत है ताकि भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कन्ज्यूमर इंटरनेट कंपनियों का उभार और उनकी सफलता भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का काम कर रही है, और सरकार को इस दिशा में अपने कदम और मजबूत करने होंगे।