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‘फिल्मी गुंडों की तरह काम करता था वक्फ बोर्ड’ – राज्यसभा में BJP सांसद का बयान

 03 Apr 2025

वक्फ संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान बीजेपी सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल ने वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और इसे पुरानी फिल्मों के खलनायकों से तुलना करते हुए तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, "जिस तरह फिल्मों में गुंडे किसी औरत पर हाथ रख देते थे और दावा कर देते थे कि अब वह उनकी है, ठीक उसी तरह वक्फ बोर्ड जिस जमीन पर दावा कर देता था, वह उसकी हो जाती थी। वक्फ बाय यूजर इसका सबसे बड़ा हथियार था।" उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तमिलनाडु में 1500 साल पुराने मंदिर को भी वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया। इस पर जब उन्होंने मौलवियों से सवाल किया कि कुरान या हदीस में कहां लिखा है कि बिना दान दी गई संपत्ति भी वक्फ बोर्ड की हो सकती है, तो कोई जवाब नहीं मिला।


'मुस्लिम भी देश के नागरिक, उनका काम भी होना चाहिए' - पीएम मोदी का संदर्भ

राधा मोहन दास अग्रवाल ने चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुस्लिमों को लेकर कही गई बात को भी दोहराया। उन्होंने कहा, "पीएम मोदी ने हम सांसदों से कहा कि लोग कहते हैं कि मुस्लिम बीजेपी को वोट नहीं देते, यह गलत है। वे वोट देते हैं और भले न भी दें, लेकिन क्या वे देश के नागरिक नहीं हैं? क्या उनका काम नहीं होना चाहिए? सरकार मुस्लिमों की बेहतरी के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।" उन्होंने जनधन योजना, उज्ज्वला योजना समेत कई सरकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें बड़ी संख्या में मुस्लिम लाभार्थी हैं। इस बयान पर विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया, जिससे सदन में माहौल गरमा गया। हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने स्पष्ट किया कि बीच में टोकाटाकी नहीं होगी, यह नियम दोनों पक्षों पर लागू होगा।

'क्या प्रैक्टिसिंग मुस्लिम के लिए अलग मंत्रालय बनाएंगे?'

विपक्ष की ओर से कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने वक्फ विधेयक में पांच साल के "प्रैक्टिसिंग मुस्लिम" प्रावधान पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सवाल किया, "पांच साल से प्रैक्टिसिंग मुस्लिम होने का प्रमाण कैसे दिया जाएगा? क्या हमें दाढ़ी रखनी पड़ेगी, टोपी पहननी होगी, घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे ताकि देखा जा सके कि हम पांच वक्त की नमाज पढ़ रहे हैं या नहीं? क्या इसके लिए सरकार कोई अलग विभाग बनाएगी जो इसका सर्टिफिकेट जारी करेगा? और क्या उस सर्टिफिकेट पर भी मोदी जी की फोटो होगी?" उन्होंने सरकार पर वोटबैंक की राजनीति करने और समाज में ध्रुवीकरण पैदा करने का आरोप लगाया।

सैयद नसीर हुसैन ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के वक्फ संपत्तियों पर दिए गए बयान को भ्रम फैलाने वाला करार दिया और चुनौती दी कि वे इसे प्रमाणित करें। उन्होंने कहा, "लुटियंस दिल्ली की 123 प्रॉपर्टी अंग्रेजों ने ली थीं और कहा था कि जब शहर बस जाएगा तो इन्हें वापस कर दिया जाएगा। सरकार ने इस पर वन मैन कमीशन बनाया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट को आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। अगर सरकार के पास कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उसे देश के सामने क्यों नहीं रखा जाता?" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल धार्मिक ध्रुवीकरण कर "दंगे-फसाद को बढ़ावा देने के लिए ऐसे विधेयकों को ला रही है।"