भारतीय एजुकेशन और मोटिवेशन इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम बनाने वाले विकास दिव्यकीर्ति अब अपने पूरे बिजनेस को बेचने की तैयारी में हैं। इस सौदे में रुचि दिखाने वाली कंपनी कोई और नहीं बल्कि एडुटेक यूनिकॉर्न फिजिक्सवाला (PhysicsWallah) है, जिसके संस्थापक अलख पांडेय ने इसे खरीदने की इच्छा जताई है। अगर यह डील सफल होती है, तो करीब 2,500 करोड़ रुपये में यह अधिग्रहण पूरा हो सकता है, जो भारतीय एडुटेक सेक्टर के लिए हाल के वर्षों में सबसे बड़े सौदों में से एक होगा।
शुरुआती बातचीत जारी, फिजिक्सवाला IPO लाने की तैयारी में
इनट्रैकर की रिपोर्ट के मुताबिक, फिजिक्सवाला और दृष्टि IAS के बीच यह बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है। इस सौदे से पहले फिजिक्सवाला अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने के लिए IPO लॉन्च करने की योजना बना रहा है। कंपनी करीब 4,300 करोड़ रुपये (50 करोड़ डॉलर) का आरंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (IPO) लाने की तैयारी में है। उम्मीद की जा रही है कि IPO की सफलता के बाद ही दृष्टि IAS के अधिग्रहण पर आगे बढ़ा जाएगा।
हालांकि, दृष्टि IAS के CEO विवेक तिवारी ने इन अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा, "हम अपने भविष्य की योजनाओं के लिए विभिन्न संगठनों (आईपीओ बैंकर, पीई और एडुटेक संस्थापक) से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।"
नोएडा स्थित फिजिक्सवाला ने हाल ही में तीन स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति की है और 5 अरब डॉलर (करीब 50,000 करोड़ रुपये) के वैल्यूएशन के साथ IPO लाने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2024 में कंपनी की कमाई 1,940.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल के 744.3 करोड़ रुपये से 160% अधिक है। हालांकि, तेजी से बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी का नुकसान भी बढ़कर 1,131 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 84 करोड़ रुपये था।
विकास दिव्यकीर्ति ने 1999 में दृष्टि IAS की स्थापना की थी। यह सिविल सेवा परीक्षा (CSE) की तैयारी के लिए भारत के सबसे प्रसिद्ध कोचिंग संस्थानों में से एक बन चुका है। वित्तीय वर्ष 2024 में, दृष्टि IAS ने 405 करोड़ रुपये का राजस्व और 90 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया।
दिल्ली के मुखर्जी नगर केंद्र ने कंपनी के कुल राजस्व का 58% कमाया, जबकि अन्य केंद्र प्रयागराज, जयपुर और करोल बाग में स्थित हैं।