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मोदी सरकार करेगी अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव का आकलन, मंत्री पंकज चौधरी का बयान

 03 Apr 2025

अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 27 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने को लेकर भारत ने इसके प्रभाव का आकलन करने और उपयुक्त रणनीति तैयार करने की दिशा में कदम उठाने की घोषणा की है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने गुरुवार को इस टैरिफ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पहले इसका विस्तृत विश्लेषण करेगी और फिर इससे निपटने के संभावित तरीकों पर विचार करेगी। नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चौधरी ने कहा, "डोनाल्ड ट्रम्प के लिए 'अमेरिका फर्स्ट' प्राथमिकता है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के लिए 'भारत फर्स्ट' सर्वोपरि है। हम पहले इस टैरिफ का विश्लेषण करेंगे, इसके प्रभाव को समझेंगे और फिर यह तय करेंगे कि इससे कैसे निपटा जाए।"


औद्योगिक क्षेत्र की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर उद्योग निकाय एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस टैरिफ का भारत पर सीमित प्रभाव पड़ेगा, लेकिन अब उद्योग को दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा, "टैरिफ की दरें ऊंची जरूर लगती हैं, लेकिन जब हम इसकी तुलना अन्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से करते हैं, तो यह उतना चिंताजनक नहीं लगता। हमें यह समझना होगा कि आने वाले समय में एशियाई व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक बड़ा पुनर्गठन देखने को मिलेगा। इसमें समय लगेगा, लेकिन हमें अपनी उत्पादन क्षमता और लागत दक्षता में सुधार करना होगा।"

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 अप्रैल को वैश्विक स्तर पर कई देशों के खिलाफ व्यापक टैरिफ लगाने की घोषणा की। यह कदम उनके द्वारा प्रस्तावित नई व्यापार नीति का हिस्सा है, जो ‘निष्पक्षता और पारस्परिकता’ पर केंद्रित है। इस नीति के तहत अमेरिका उन देशों पर वही टैरिफ लगाएगा, जो वे अमेरिकी उत्पादों पर लागू करते हैं। ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि ये टैरिफ विदेशी देशों को अमेरिका के खिलाफ अपनी व्यापारिक बाधाओं, सब्सिडी और वैट सिस्टम जैसी नीतियों में बदलाव करने के लिए प्रेरित करेंगे।

ट्रम्प प्रशासन द्वारा घोषित टैरिफ के अनुसार, विभिन्न देशों पर निम्नलिखित दरों से आयात शुल्क लगाया गया है: चीन – 34%,   यूरोपीय संघ – 20%,  वियतनाम – 46%, ताइवान – 32%,   जापान – 24%,  भारत – 26%,   यूनाइटेड किंगडम – 10%, बांग्लादेश – 37%,   पाकिस्तान – 29%,   श्रीलंका – 44%, और इज़राइल – 17% भारत के संदर्भ में, अमेरिका ने स्टील, एल्यूमीनियम और ऑटोमोबाइल से संबंधित उत्पादों पर 27 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है, जबकि फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स, कॉपर और ऊर्जा उत्पादों को छूट दी गई है।

व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय उत्पादों पर लगाए गए ये टैरिफ मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक चुनौती पेश करेंगे। एक ओर, चीन, थाईलैंड और वियतनाम की तुलना में भारतीय उत्पादों पर अपेक्षाकृत कम टैरिफ लगाया गया है, जो कुछ हद तक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देता है। लेकिन दूसरी ओर, 27 प्रतिशत का टैरिफ भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।