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"आज एक समुदाय निशाने पर, कल दूसरा होगा" – वक्फ बिल पर गौरव गोगोई का हमला
02 Apr 2025

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने बुधवार को केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन विधेयक के जरिए सरकार संविधान को कमजोर करने, अल्पसंख्यकों को बदनाम करने और भारतीय समाज को विभाजित करने की कोशिश कर रही है। लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान गोगोई ने कहा, "इस विधेयक का असली उद्देश्य संविधान को कमजोर करना और अल्पसंख्यकों को मताधिकार से वंचित करना है।"
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के उस दावे को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में विधेयक पर सभी दलों की राय ली गई थी।
गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा,
"जेपीसी में किसी खंड-दर-खंड चर्चा की अनुमति नहीं दी गई। विपक्ष द्वारा सुझाए गए किसी भी संशोधन को स्वीकार नहीं किया गया। बल्कि, जिन लोगों को वक्फ के बारे में जानकारी ही नहीं थी, उन्हें इसमें आमंत्रित किया गया।"
"आज एक समुदाय निशाने पर, कल दूसरा होगा"
विधेयक का विरोध करते हुए गोगोई ने सरकार पर अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि भविष्य में यह अन्य समुदायों के खिलाफ भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
"आज सरकार एक समुदाय की जमीन को निशाना बना रही है, कल वे किसी और समुदाय को निशाना बनाएंगे।" अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संविधान का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार अनुच्छेद 25(1) के तहत किसी की धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, "यह विधेयक केवल वक्फ प्रबंधन से जुड़ा है, इसका अन्य धर्मों में हस्तक्षेप से कोई लेना-देना नहीं है।"
लेकिन गोगोई ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए विधेयक के एक महत्वपूर्ण संशोधन की ओर इशारा किया, जिसमें कहा गया है कि कोई व्यक्ति किसी संपत्ति को तभी वक्फ घोषित कर सकता है, जब वह कम से कम पांच साल से इस्लाम का पालन कर रहा हो।
गोगोई ने सरकार से पूछा,
"क्या सरकार अब अन्य धर्मों से प्रमाण पत्र मांगेगी कि उन्होंने पांच साल पूरे किए हैं या नहीं? इस बिल में ऐसा प्रावधान क्यों है? सरकार धर्म के मामलों में हस्तक्षेप क्यों कर रही है?"