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वक़्फ़ बिल का समर्थन करने वालों को संजय सिंह की चेतावनी, ‘दोस्तों में ज़मीनों को बाँट दिया जाएगा’

 02 Apr 2025

आज लोकसभा में बहुप्रतीक्षित वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पेश किया गया, जिसे अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरन रिजिजू ने विपक्ष के विरोध के बावजूद संसद में प्रस्तुत किया। इस विधेयक को लेकर विरोध की लहर उठ रही है, जिसमें आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह भी शामिल हैं। उन्होंने इस बिल का तीखा विरोध किया और इस पर गंभीर आरोप लगाए। संजय सिंह ने वक्फ बिल का समर्थन करने वालों को चेतावनी दी, यह कहते हुए कि यदि यह बिल पारित होता है, तो यह वक्फ की ज़मीन को अपने दोस्तों के हाथों में देने का रास्ता खोलेगा, और इसके बाद चर्च, गुरुद्वारा और बौद्ध मंदिरों की संपत्तियों के साथ भी यही खेल होगा। संजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि देशवासियों को अब सचेत हो जाना चाहिए, क्योंकि भाजपा अब वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने और उन्हें अपनी राजनीतिक लाभ के लिए अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को देने की योजना पर काम कर रही है। उनका दावा है कि यह शुरुआत है, और भविष्य में भाजपा का ध्यान केवल वक्फ संपत्तियों पर ही नहीं, बल्कि अन्य धार्मिक संस्थाओं जैसे गुरुद्वारों, मंदिरों और चर्चों की संपत्तियों पर भी जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा वही पार्टी है जिसने अयोध्या में रक्षा मंत्रालय की ज़मीन अपने करीबी दोस्तों को दी थी और प्रभु राम की ज़मीन में दलाली की थी। 


 इसके अतिरिक्त, संजय सिंह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार असल मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है, जैसे देश में शिक्षा, बेरोजगारी और महंगाई से संबंधित गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों से ध्यान हटाकर लोगों को धार्मिक विवादों में उलझाना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस बिल के जरिए भारत में एक और विभाजन उत्पन्न करने की कोशिश कर रही है ताकि वह देश में दंगे भड़का सके और अपने राजनीतिक फायदे के लिए इसका उपयोग कर सके। संजय सिंह ने यह भी याद दिलाया कि 2013 में के आर रहमान कमेटी की रिपोर्ट पर पहले भी यह वक्फ संशोधन विधेयक लाया गया था, और तब भाजपा ने इसे समर्थन देकर इसे पारित कराया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अब दोबारा इस विधेयक को लाने की क्या आवश्यकता है? उनका मानना था कि इसका असल मकसद केवल लोगों के बीच झगड़ा खड़ा करना है, ताकि राजनीतिक लाभ प्राप्त किया जा सके।