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आतिशी का आरोप: दिल्ली सरकार का एक लाख करोड़ रुपये का बजट झूठा और प्रचारात्मक

 02 Apr 2025

दिल्ली की भाजपा सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसे उसने ऐतिहासिक और विकास-oriented बताया है। हालांकि, इस बजट के पेश होने के बाद विपक्षी दलों ने इसका कड़ा विरोध किया है। आम आदमी पार्टी की नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, आतिशी ने इस बजट को केवल एक प्रचारात्मक हथकंडा और झूठा करार दिया। उन्होंने बजट के आंकड़ों और सरकार की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाए हैं और इसे केवल एक फर्जी घोषणाबाजी बताते हुए इसकी वास्तविकता पर संदेह जताया। आतिशी ने यह कहा कि दिल्ली सरकार के पास न तो एक लाख करोड़ रुपये की आय है और न ही ऐसा कोई वित्तीय साधन है, जिससे यह बजट पूरा किया जा सके। आतिशी ने इसके खिलाफ कई तर्क दिए और विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर आप टैक्स संग्रहण के आंकड़ों को देखें तो जो आंकड़े पेश किए गए हैं, उनसे करीब 5 हजार करोड़ रुपये कम टैक्स की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, सरकार की योजना के मुताबिक 10 हजार करोड़ रुपये के लोन में भी कमी आएगी। 


आतिशी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अब तक दिल्ली के लिए अपने बजट में एक भी रुपये का आवंटन नहीं किया है, जो इस सरकार के दावों की सच्चाई पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। आतिशी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने पहले ही अनुमान लगाया था कि दिल्ली सरकार का वास्तविक बजट लगभग 78 हजार करोड़ रुपये होगा, लेकिन अब जब वह दिल्ली सरकार के कागजात और रिपोर्ट्स देख रही हैं, तो यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार को खुद पता है कि एक लाख करोड़ तो बहुत दूर की बात है, 78 हजार करोड़ भी उनके पास नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली सरकार के वित्त विभाग द्वारा 31 मार्च को जारी किए गए आदेश का उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि सभी सरकारी विभागों को अप्रैल के महीने में बजट के केवल 5 प्रतिशत से अधिक खर्च करने की अनुमति नहीं होगी। यह बात सरकार की वित्तीय स्थिति को और भी स्पष्ट करती है, क्योंकि अगर पूरे बजट का 5 प्रतिशत 5 हजार करोड़ रुपये होता है, तो इसका मतलब यह है कि सरकार पूरे साल में कुल 60 हजार करोड़ रुपये ही खर्च कर पाएगी।

 आतिशी ने अपनी बात को और मजबूत करते हुए यह कहा कि दिल्ली सरकार को खुद भी यह मालूम है कि उनके पास 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व और बजट नहीं है। उन्होंने यह दावा किया कि सरकार के पास इस समय कोई वास्तविक वित्तीय ताकत नहीं है और यह बजट केवल प्रचार के लिए पेश किया गया है। इसने दिल्ली सरकार के दावों की पूरी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है। आतिशी के अनुसार, दिल्ली सरकार की असल स्थिति यह है कि उसके पास सही आंकड़े और पर्याप्त धन नहीं है, और यह बजट केवल एक छलावा है, जिससे जनता को गुमराह किया जा रहा है।